prechance to reality
Saturday, 15 June 2024
Adhuri khwaishen
ख्वाहिशें तो बहुत थीं,
पूरे करने की चाहत भी वहीं थी,(2)
अगर कुछ कमी रही होगी तो जरूर किसी की नियत में होगी, (2)
वरना तो हमारे सपनों के पूरे होने की तारीख भी तय थी।
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